गैरकानूनी रूप से निवेशकों से धन जमा करने के मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पीएसीएल लिमिटेड की मनी पूलिंग स्कीम पर रोक लगा दी है। आकलन के मुताबिक करीब 50 हजार करोड़ की रकम जुटाने वाली इस स्कीम के निवेशकों को उनकी रकम तीन हफ्ते के भीतर लौटाने का सेबी ने कंपनी को दिया है।
पीएसीएल की स्कीम पर रोक लगाने के साथ ही सेबी ने फर्जीवाडे़ और और नियमों का उल्लंघन करते हुए कारोबार के अनुचित तरीके अपनाने को लेकर कंपनी के नौ प्रोमोटरों और निदेशकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार कार्रवाई शुरू करने की बात भी कही है।
सेबी ने अपने 92 पन्नों के आदेश में कहा है कि कंपनी की स्वीकारोक्तियों के आधार पर इस स्कीम के तहत जुटाई गई रकम 49,100 करोड़ रुपये बैठती है। सेबी के मुताबिक पीएसीएल की ओर से 1 अप्रैल 2012 से 25 फरवरी 2013 के बीच हस्तांतरित धनराशि संबंधी पूरे विवरण उपलब्ध कराए जाने पर स्कीम के जरिए जुटाई गई राशि कहीं अधिक बैठती। सेबी ने बताया कि पीएसीएल की इस स्कीम के जरिए करीब 5.85 करोड़ ग्राहकों से रकम जुटाई गई है।
इसमें वह लोग भी शामिल हैं जिन्हें कथित रूप से रकम के एवज में जमीन दे दी गई है और वह भी, जो अभी जमीन मिलने के इंतजार में हैं। गौरतलब है कि इस मामले में सीबीआई निर्मल सिंह भंगू सहित पीएसीएल के शीर्ष प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। पीएसीएल के प्रोमोटर और निदेशक पर्ल ग्रुप और पीजीएफ ग्रुप के साथ भी जुडे़ रहे हैं।