भारतीय कंपनियां अगले साल में अपने कर्मचारियों के वेतन में औसतन 12 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती हैं। कंपनियों का जोर कर्मचारियों के प्रदर्शन आधारित वेतन वृद्धि पर अधिक रहेगा। वैश्विक कंसल्टेंसी मर्सर के सर्वे में यह जानकारी सामने आई है।
सर्वे में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2013-14 दौरान अनुमानित औसत पैकेज में कोई बदलाव नहीं आएगा। पिछले दो वित्तीय वर्ष से इसमें कोई बदलाव नहीं आया है। वहीं, अगले एक साल के लिए कंपनियां नियुक्ति के मामले में सख्ती बरतेंगी।
मर्सर इंडिया के निदेशक (इनफार्मेशन प्रोडक्ट सोल्यूशंस) मुनिंदर आनंद का कहना है कि कुल मिलाकर देखा जाए तो अगले वित्त वर्ष में सभी उद्योगों में औसत वेतन वृद्धि करीब 12 फीसदी रह सकती है। फार्मा सेक्टर में सबसे अधिक 12.5 फीसदी की वेतन वृद्धि होने की उम्मीद है। कंपनियां डबल डिजिट में वेतन वृद्धि के लिए अपना बजट बनाए रख सकती हैं।
सामने आए यह आंकड़े सभी सेक्टरों के 734 संगठनों में किए गए सर्वे पर आधारित हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियां चार फीसदी वेतन वृद्धि प्रमोशन बढ़ोतरी के मद में और तीन फीसदी बढ़ोतरी बाजार में आए सुधार के रूप में कर सकती हैं।
हालांकि, सर्वे में यह जानकारी भी आई है कि केवल 72 फीसदी कंपनियों की ही योजना अगले वित्त वर्ष में नई नियुक्तियां करने की है। जबकि 2012-13 में यह आंकड़ा 84 फीसदी दर्ज किया गया। इसके अलावा, कंपनियों की ओर से वेतन प्रोत्साहन में कर्मचारियों के प्रदर्शन को तरजीह दी जाएगी।
मुनिंदर आनंद का कहना है कि कारोबारी माहौल में सकारात्मक बदलाव आया है लेकिन कंपनियां सतर्कता बरत रही हैं और ‘वेट एंड वॉच’ की नीति पर चल रही हैं।