शेयर बाजारों की ढुलमुल स्थिति के चलते स्टील बनाने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) के ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के तहत लाए गए इश्यू को आखिरकार जैसे-तैसे पूर्ण अभिदान मिल गया। हालांकि स्टॉक एक्सचेंज में कारोबार की समाप्ति तक आई सूचनाओं के मुताबिक तब तक इसे 97.9 फीसदी अभिदान ही मिल सका था।
बॉम्बे शेयर बाजार (बीएसई) के बंद होने पर मिले आंकड़ों के अनुसार सेल के 24.03 करोड़ शेयरों के ओएफएस के लिए 23.53 करोड़ शेयरों के लिए मिली बोलियां ऑफर के कुल मूल्य का 97.9 फीसदी हैं।
ओएफएस के तहत कंपनी के 10 रुपये के अंकित मूल्य के शेयर के लिए 63 रुपये की कीमत तय की गई थी, जो बृहस्पतिवार के बंद भाव 63.90 रुपये की तुलना में 1.40 रुपये कम थी। इश्यू के इसके लिए 63.07 रुपये के औसत मूल्य पर आवेदन प्राप्त हुए।
शेयर बाजारों में गिरावट के चलते सेल का शेयर भी बिकवाली के दबाव में रहा और 0.78 फीसदी नुकसान के साथ 63.40 रुपये के भाव पर बंद हुआ। फिलहाल सरकार के पास सेल में 85.82 प्रतिशत हिस्सेदारी है और सरकार को ओएफएस से करीब 1,514 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
सेल के ओएफएस के लिए एसबीआई कैप्स, कोटक महिन्द्रा और ड्यूश बैंक को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया गया था। एजेंसी उपक्रम के ओएफएस के बाद चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार को विनिवेश से मिलने वाली कुल रकम 24 हजार करोड़ रुपये के निकट पहुंच जाने की उम्मीद है।
इससे पहले विनिवेश कार्यक्रम के तहत सार्वजनिक कंपनियों में सरकार के शेयरों की बिक्री से 30 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया गया था, जिसे बाद में घटाकर 24,000 रुपये कर दिया गया। मंत्रिमंडल ने पिछले साल जुलाई में सेल में 10.82 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की अनुमति दी थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार सेल के शेयरों के लिए अधिकतम बोलियां 63.07 रुपये पर मिली हैं।