सेबी ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि सहारा समूह ने अपनी संपत्तियों की कीमत ज्यादा लगाई है और वास्तविक मालिकाना हक के दस्तावेज भी नहीं सौंपे हैं। बीस हजार करोड़ की संपत्ति के दस्तावेजों को सौंपने के संबंध में अदालत ने सहारा को आदेश दिया था।
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सर्वोच्च अदालत से सेबी ने कहा कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन समूह की ओर से नहीं किया गया है।
जस्टिस केएस राधाकृष्णन व जस्टिस जेएस केहर की पीठ के समक्ष सेबी ने कहा कि समूह की ओर से संपत्ति के जो दस्तावेज सौंपे गए हैं और उनकी ओर से जो कीमत लगाई गई है, वह संपत्ति की वास्तविक कीमत से बहुत अधिक है।
अदालत ने इस मामले की सुनवाई को समूह की गुजारिश पर बृहस्पतिवार तक के लिए टाल दिया।