बाजार नियामक सेबी ने सुप्रीम कोर्ट से निवेशकों को 24,000 करोड़ रुपये लौटने के कोर्ट के आदेश पर अमल नहीं करने को लेकर सहारा प्रमुख सुब्रत राय, उनकी दो कंपनियों और उनके निदेशकों को दंडित करने का आग्रह किया है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दतार ने न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ की खंडपीठ के समक्ष कहा कि सहारा प्रमुख की उन दलीलों में कोई दम नहीं है।
इसमें उन्होंने कहा है कि उनकी दो कंपनियों सहारा इंडिया हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्प लिमिटेड और सहारा इंडिया रीयल इस्टेट कॉर्प लिमिटेड द्वारा पैसा नहीं लौटाए जाने के लिए उन्हें दंडित नहीं किया जा सकता।
दतार ने कहा कि चूंकि सुब्रत राय की इन दोनों कंपनियों में 70 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। इस प्रकार सहारा प्रमुख अदालत की अवमानना के मामले में अधिकतम छह माह की सजा पाने या जुर्माना के हकदार हैं।