डॉलर के मुकाबले रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ जाने से पेट्रोलियम और खाने-पीने की चीजों का महंगा होना तय है।
रिजर्व बैंक की कोशिशें को दरकिनार कर बुधवार को अंतर बैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 106 पैसे की भारी गिरावट के साथ 60.72 रुपये प्रति डॉलर रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। पिछले सत्र रुपया 59.66 के स्तर पर रहा था।
डीलरों का कहना है कि बाजार में चालू खाता घाटा को लेकर पहले ही चिंता बनी हुई है। विदेशी संस्थान निकासी में जुटे हुए हैं। उधर, रिजर्व बैंक के पास विदेशी मुद्रा का भंडार भी इतना अधिक नहीं है कि वह लंबे समय तक आयात का भुगतान करने में सक्षम हो।
रिजर्व बैंक ने रुपये को संभालने के लिए हालांकि प्रयास किया किंतु आयातकों द्वारा डॉलर की मांग का जोर इतना अधिक था कि रुपया दोपहर के कामकाज के बाद संभल नहीं पाया और सत्र की समाप्ति पर अब तक के रिकॉर्ड निचले स्तर 60.72 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
मुद्रा बाजार में बुधवार को रुपये में गिरावट के साथ 59.74 पर कारोबार शुरू हुआ। सत्र के दौरान यह 59.72 के उच्चतम और 60.76 के रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर रहा।
जियोजित कॉमट्रेड के मुख्य करेंसी रणनीतिकार हेमल दोषी का कहना है कि शुरुआती कारोबार में रुपये के 59.90 के स्तर पर पहुंचने पर रिजर्व बैंक का दखल दिखाई दिया। लेकिन, रुपये के 60 के स्तर पार करने के बाद इसमें तेज गिरावट रही।