राज्यसभा में एफडीआई के मुद्दे पर बसपा प्रमुख मायावती द्वारा सरकार के पक्ष में वोट डालने की घोषणा के बाद विदेशी पूंजी की भारी आवक से रुपया मजबूत होकर एक माह के शिखर पर पहुंच गया। डॉलर की तुलना में रुपया 40 पैसे की बढ़त लेकर 54.14 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ।
मुद्रा बाजार के डीलरों का कहना है कि घरेलू शेयर बाजारों के मजबूत होने, लगातार पूंजी की आवक के संकेत और निर्यातकों द्वारा डॉलर की बिकवाली से रुपये का सेंटीमेंट मजबूत हुआ। विनिमय बाजार में बृहस्पतिवार को कारोबार के दौरान रुपया 54.04 और 54.58 रुपये प्रति डॉलर के बीच रहा।
बसपा प्रमुख मायावती द्वारा एफडीआई मसले पर सरकार को समर्थन देने की घोषणा से घरेलू शेयर बाजारों ने तेज रिकवरी की। इसके चलते, आखिर में रुपया 40 पैसे की बढ़त लेते हुए 54.14 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विगत 2 नवंबर को 53.81 रुपये प्रति डॉलर के स्तर के बाद यह रुपये का उच्चतम स्तर है।
धनलक्ष्मी बैंक के कार्यकारी वाइस प्रेसिडेंट श्रीनिवास राघवन का कहना है कि रुपये में आई तेजी की प्रमुख वजह केवल बसपा द्वारा एफडीआई के मुद्दे पर सरकार का समर्थन करना है। इस खबर पर निवेशकों ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए भारी मात्रा में विदेशी पूंजी घरेलू बाजारों में झोंक दी। सेबी से मिले आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने घरेलू शेयर बाजारों में 17.54 करोड़ डॉलर का निवेश किया।