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अपनी रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाएगी रिलायंस इंडस्ट्रीज

Mon, 15 Oct 2012 07:49 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा है कि उसकी योजना जामनगर स्थित अपने दोनों रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की है। इसके जरिए अगले 4-5 साल में कंपनी अपना मुनाफा दोगुना करेगी। आरआईएल के सीईओ (रिफाइनिंग एवं मार्केटिंग) टोनी फाउंटेन ने यहां ‘पेट्रोटेक 2012’ सम्मेलन में कहा कि कंपनी के चेयरमैन (मुकेश अंबानी) कह चुके हैं कि रिलायंस अपना परिचालन मुनाफा दोगुना करेगी।
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तेल रिफाइनिंग और मार्केटिंग को निरंतर आगे बढ़ाना भी हमारे इस लक्ष्य का हिस्सा है। आरआईएल के पास 3.3 करोड़ टन की क्षमता की घरेलू टैरिफ क्षेत्र (डीटीए) रिफाइनरी है, जिसका ज्यादातर उत्पाद घरेलू बाजार में बेचा जाता है। साथ ही 2.9 करोड़ टन क्षमता की तेलशोधन इकाई है, जिसे विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) का दर्जा प्राप्त है।

उन्होंने कहा कि हम निश्चित तौर पर रिफाइनिंग क्षमता के विस्तार के लिए हर तरह की योजनाओं पर विचार कर रहे हैं। हम डीटीए और सेज दोनों किस्म के विकल्पों के विस्तार पर विचार कर रहे हैं। अंबानी ने सात जून को कंपनी के प्रमुख पेट्रो रसायन और तेल एवं गैस कारोबार व खुदरा और दूरसंचार जैसे नए क्षेत्रों में 12 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी, ताकि अगले चार-पांच साल में मुनाफे को दोगुना किया जा सके। हालांकि फाउंटेन ने निवेश और विस्तार योजना की विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया।
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उन्होंने कहा कि आरआईएल 4 अरब डॉलर की पेट्रोलियम कोक गैसीकरण परियोजना लगा रही है, जहां कृत्रिम गैस का उत्पादन होगा, जो रिफाइनरी में महंगी एलएनजी की जगह ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता 2015-16 तक 24 फीसदी बढ़कर करीब 26.7 करोड़ टन हो जाएगी। इसमें अभी आरआईएल की विस्तार योजना शामिल नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि आरआईएल के 1,452 पेट्रोल पंप में से ज्यादातर पंप बंद ही रहेंगे। क्योंकि, बाजार में सरकारी कंपनियों के साथ बराबरी के आधार पर प्रतिस्पर्धा का वातावरण नहीं है। उन्होंने कहा कि हम कहीं भी डीजल नहीं बेच रहे, सिर्फ कुछ पेट्रोल पंप चल रहे हैं। इन पंपों को बंद करने से पहले हमारी बाजार हिस्सेदारी 13 फीसदी थी।

सरकारी तेल कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा न कर पाने की स्थिति में अधिकांश पेट्रोल पंपों को बंद करना पड़ा। यदि माहौल बेहतर होता है तो हम अपने बंद पड़े पेट्रोल पंप फिर से खोल सकते हैं। सरकार या तो डीजल को नियंत्रणमुक्त कर दे या सरकारी कंपनियों की तरह निजी कंपनियों को भी सब्सिडी उपलब्ध कराए। देश में 25 तेल रिफाइनरी हैं। इनकी प्रोसेसिंग क्षमता 21.506 करोड़ टन है। 2015-16 तक मांग बढ़ने के चलते यह क्षमता बढ़कर 26.496 करोड़ टन हो जाएगी।
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