कैग ऑडिट पर अपने रुख को नरम करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) केजी-डी6 गैस ब्लॉक पर अपने खर्चों का ऑडिट कराने को राजी हो गई है। हालांकि उनके अनुबंध की अवधि खत्म हो चुकी है। आरआईएल ने कहा कि अनुबंध में कैग द्वारा परफोरमेंस ऑडिट कराने का कोई प्रावधान नहीं है और जांच सिर्फ वित्तीय ऑडिट तक ही सीमित रहनी चाहिए। तेल मंत्रालय ने भी इसका वादा किया था।
आरआईएल के अध्यक्ष और मुख्य परिचालन अधिकारी (बिजनेस) बी गांगुली ने 16 जुलाई को तेल मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा था कि कंपनी उत्पादन साझेदारी अनुबंध के लेखा प्रक्रिया की धारा 1.9 के आधार पर कंपनी केजी-डीडब्ल्यूएन-98/3 (केजी-डी6) कैग से ऑडिट कराने को तैयार है। तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय से सहमति के बाद यह एक वित्तीय ऑडिट होगी और धारा 1.9 की कई उप धाराओं के आधार ही होगी। यह परफोरमेंस ऑडिट नहीं होगी। कंपनी दो साल के अंतर के बाद भी ऑडिट में सहयोग करने पर राजी है।
उन्होंने कहा कि समय अंतराल पर मंत्रालय द्वारा दिए गए कारणों से वह सहमत नहीं थी, लेकिन सहयोग को देखते हुए कंपनी 2008-09 से 2011-12 तक की ऑडिट कराने को तैयार है। आरआईएल ने पहले कहा था कि निर्धारित समय से अधिक हो चुकी अवधि पर कैग ऑडिट नहीं कर सकती है और ऑडिट रिपोर्ट तेल मंत्रालय को सौंपी जाएगी न कि संसद को। साथ ही उनकी मांग थी कि कैग कंपनी से जुड़ी सभी सूचना को गोपनीय रखे।