आने वाले समय में टेलीफोन से बात करना आपके लिए मंहगा होने जा रहा है। देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए दिए जा रहे डिस्काउंट ऑफरों में कटौती करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा कंपनियों ने कॉल दरों में बढ़ोतरी की संभावना तलाशना शुरू कर दिया है।
बुधवार को भारती एयरटेल के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ गोपाल विट्टल ने कहा कि डीजल के दाम में बढ़ोतरी, नेटवर्क लागत, स्पेक्ट्रम लागत सहित दूसरी प्रमुख चीजों की लागत बढ़ी है।
ऐसे में पुरानी दरों पर सेवाएं देना मुश्किल है। इन परिस्थितियों में डिस्काउंट में कटौती करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। हम अभी प्रमुख काल दरों में बढ़ोतरी के पक्ष में नही हैं, लेकिन कुछ स्थिति में टैरिफ दरों में बढ़ोतरी का विकल्प सामने रखा जा सकता है।
रिलायंस पहले ही बढ़ा चुका है दाम
इसके पहले रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ने प्री-पेड सेवाओं पर 25 अप्रैल से टैरिफ दरों में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी दी है। कंपनी ने इसके तहत जहां कॉल दरों में बढ़ोतरी की है, वहीं स्पेशल टैरिफ वाउचर पर मिलने वाली छूट में भी कटौती की है।
कंपनी ने प्रति सेकेंड 1.5 पैसे की दर को बढ़ाकर 1.6 पैसा प्रति सेकेंड कर दिया है। इसके अलावा 43 रुपये, 148 रुपये और 259 रुपये के स्पेशल टैरिफ वाउचर में मिलने वाले ऑफर में भी कटौती की है।
दरों में बढ़ोतरी और डिस्काउंट में कटौती पर रिलायंस कम्युनिकेशंस चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफीसर (कंज्यूमर बिजनेस) गुरदीप सिंह ने भी कहा है कि टैरिफ में बढ़ोतरी का कदम बढ़ती लागत की वजह से ही कंपनी ने किया है।
मुफ्त टॉक टाइम की सुविधा होगी वापस
इंडस्ट्री की रणनीति में आए इस बदलाव पर डेलॉयट हैसकिंस एंड सेल्स के पार्टनर हेमंत जोशी ने कंपनियां अब डाटा सर्विसेज पर ज्यादा फोकस कर रही है।
कॉल दरों से होने वाली आय अब ठहराव सा आ गया है। ऐसे में आने वाले समय में उनकी प्रमुख रणनीति कॉल रेट न होकर डाटा सेवाओं के जरिए ग्राहकों को लुभाने की होगी।
कंपनियां डिस्काउंट, मुफ्त टॉक टाइम की सुविधाएं वापस ले रही हैं। अब कम कॉल दरों से ग्राहकों को लुभाने की रणनीति पर अब कंपनियां जोर नहीं दे रही हैं।