क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भी अपने पैर पर खड़े हो सकें, इसके लिए उसमें सरकार ने और पूंजी डालने की योजना को तीन साल और बढ़ाने का फैसला किया है।
इससे बैंक के कैपिटल टू रिस्क वेटेज असेट रेशियो (सीआरएआर) में सुधार होगा और यह 9 फीसदी तक पहुंच जाएगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की यहां हुई बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया।
बैठक के बाद केन्द्रीय वित्त मंत्री ने बताया कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में फिर से पूंजी डालने की योजना को अगले तीन साल का विस्तार मिल गया। अब रिकैपिटलाइजेशन की योजना वर्ष 2016-17 तक चलती रहेगी।