पिछले महीने 2जी स्पेक्ट्रम नीलामी के फ्लाप होने के बाद सरकार ने स्पेक्ट्रम का रिजर्व प्राइस घटाने का फैसला किया है। टेलीकॉम पर बने अधिकार प्राप्त मंत्री समूह (ईजीओएम) ने दिल्ली, मुंबई, राजस्थान और कर्नाटक सर्किल में दोबारा बोली कराने के लिए स्पेक्ट्रम के आधार मूल्य में 30 फीसदी की कटौती कर दी है।
अब इन चारों सर्कलों में 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड की नीलामी होगी। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला कैबिनेट को लेना है। महंगे होने की वजह से इन चार सर्किलों में कोई भी कंपनी 2जी स्पेक्ट्रम लेने के लिए आगे नहीं आई थी।
शुक्रवार को ईजीओएम की बैठक के बाद संचार एवं सूचना प्रौद्योगिक मंत्री कपिल सिब्बल ने बताया कि स्पेक्ट्रम की कीमतों पर ईजीओएम का निर्णय हो चुका है और अब इसे अंतिम फैसले के लिए मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा।
सभी नीलामी प्रक्रियाएं मौजूदा वित्तवर्ष में पूरी कर ली जाएंगी। मिली जानकारी के मुताबिक, ईजीओएम ने 1800 मेगा हर्ट्स के रिजर्व प्राइस में 30 फीसदी कटौती का फैसला किया है।
पिछले महीने हुई बोली प्रक्रिया में बेस प्राइस 14,000 करोड़ रुपये रखा गया था। कंपनियों के फीके रुझान के चलते यह बोली प्रक्रिया महज दो दिन में ही पूरी हो गई थी।
दिल्ली, मुंबई, राजस्थान और कर्नाटक सर्कलों में बोली में हिस्सा लेने में किसी भी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई थी। इसलिए, सरकार को इन सर्कलों में दोबारा से नीलामी करानी पड़ रही है।
इसके अलावा मुंबई, कोलकाता और दिल्ली सर्कलों में 900 मेगाहर्ट्ज बैंड में रिफार्मिंग भी होगी। ईजीओएम की बैठक में 800 मेगा हर्ट्स यानी सीडीएमए स्पेक्ट्रम के बारे में कोई फैसला नहीं हो पाया। नवंबर में हुई नीलामी में सीडीएमए स्पेक्ट्रम के लिए भी कोई कंपनी आगे नहीं आई थी।
पिछले महीने 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के बाद यह ईजीओएम की पहली बैठक थी। इस नीलामी से सरकार को इस नीलामी से करीब 30 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का अनुमान था, लेकिन सरकार सिर्फ 9,047 करोड़ रुपये जुटा पाई। जबकि, देश के 22 टेलीकॉम सर्किलों में आधा से ज्यादा स्पेक्ट्रम खाली रह गया।
देशव्यापी 2जी लाइसेंस के लिए किसी भी कंपनी ने आवेदन नहीं किया था। अब सरकार घटी स्पेक्ट्रम दरों पर 31 मार्च से पहले एक बार फिर नीलामी करने की तैयारी कर रही है।
सेल्युलर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक राजन मैथ्यू ने स्पेक्ट्रम का रिजर्व प्राइस घटाने के फैसले का स्वागत किया है। लेकिन उनका मनना है कि 30 फीसदी कटौती करने मात्र से कंपनियों की दिलचस्पी बढ़ने के आसार नहीं हैं।
क्या थीं कीमतें
सर्कल...................बेस प्राइस (प्रति ब्लॉक)
दिल्ली...................693.06 करोड़ रुपये
मुंबई.....................678.45 करोड़ रुपये
कर्नाटक.................330.12 करोड़ रुपये
राजस्थान................67.08 करोड़ रुपये
क्या हुआ फैसला
- दिल्ली, मुंबई, कर्नाटक और राजस्थान सर्कलों में दोबारा होगी नीलामी
- बोली में बेस प्राइस को 30 फीसदी रखा जाएगा कम
- तीन सर्कलों में रिफार्मिंग को भी मिल सकती है हरी झंडी
- कैबिनेट इन सभी मसलों पर लेगी अंतिम फैसला