अप्रैल से शुरू हो रहे नए वित्त वर्ष में भारतीय कंपनियां नियुक्तियों को लेकर सतर्कता भरा रवैया अपनाएंगी। कर्मचारियों की नियुक्ति संबंधी सेवाएं देने वाली फर्म मैनपावर ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि कंपनियां नए कर्मचारियों की भर्तियां तो करेंगी, पर नियुक्ति की प्रक्रिया पहले की अपेक्षा लंबी और कठोर हो सकती है। भर्तियों के मामले में सबसे ज्यादा सकारात्मक परिदृश्य आईटी और आईटीई सेक्टरों में रहेगा।
देश में नियुक्तियों के परिदृश्य पर आधारित इस अध्ययन के मुताबिक करीब 27 फीसदी कंपनियों का कहना है कि वह अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भर्तियां करेंगी। यह आंकड़ा मौजूदा तिमाही (जनवरी-मार्च) की तुलना में दो फीसदी अधिक है।
हालांकि सालाना आधार पर देखा जाए, तो यह अप्रैल-जून 2012 की तिमाही के 45 फीसदी से पूरे 19 फीसदी कम है, जोकि निजी क्षेत्र के रोजगार परिदृश्य में एक बड़े अंतर को दर्शाता है।
मैनपावर इंडिया के एमडी एजी राव ने बताया कि अच्छी खबर यह है कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती और देश में आर्थिक व राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद नियुक्तियों को लेकर कंपनियों का रुख सकारात्मक बना हुआ है और यह रुझान सभी सात सेक्टरों में नजर आ रहा है।
हालांकि नियुक्तियों के प्रति इस सकारात्मक रवैये के बावजूद कंपनियां नए कर्मचारियों को नौकरी देने में अपेक्षाकृत अधिक सतर्कता भी बरतने वाली हैं। इसके चलते उम्मीदवारों को थोड़ी कठिन नियुक्ति प्रक्रिया से गुजरने के लिए खुद को तैयार रखना पड़ेगा।
उन्हें पहले से ज्यादा कठिन अभिरुचि परीक्षा (एप्टीट्यूट टेस्ट) का सामना करना पड़ सकता है और इसके बाद साक्षात्कार के अतिरिक्त दौर से भी गुजरना पड़ सकता है। सेक्टरों के आधार पर बात करें, तो ट्रांसपोर्ट व यूटिलिटी सेक्टर में रोजगार परिदृश्य 37 फीसदी के स्तर पर रहेगा।
सर्विस, होल सेल और रिटेल सेक्टरों में यह आंकड़ा औसतन 32 फीसदी पर रहने की उम्मीद है। सर्वे में एक सकारात्मक बात यह भी सामने आई है कि किसी भी सेक्टर में नियोक्ता अगली तिमाही में कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना नहीं बना रहे हैं।