दुनिया में करीब 26 अरब डॉलर का कारोबार करने वाली चीनी कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनी हायर अब भारतीय बाजार को अपने प्रमुख बाजार के रूप में देख रही है। वैसे तो कंपनी साल 2004 से हायर इंडिया के रूप में भारत में कारोबार कर रही है, पर वह अब नई रणनीति के तहत भारत में ज्यादा से ज्यादा उत्पाद बनाने पर जोर देगी।
वहीं, भारतीय ग्राहकों के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के लिए उत्पादन क्षमता में भी विस्तार करने की तैयारी में है। इसके अलावा, कंपनी अपने मार्केटिंग बजट में भी 50 फीसदी का इजाफा कर रही है।
हायर समूह की 100 फीसदी अनुषंगी इकाई हायर इंडिया के प्रेसिडेंट एरिक ब्रैगांजा ने बताया कि समूह भारत को एक प्रमुख बाजार के रूप में देख रहा है। इसी के तहत कंपनी नए इनोवेटिव उत्पाद लाने के साथ, उनको ज्यादा से ज्यादा भारत में ही बनाने पर जोर दे रही है।
कंपनी पिछले दो वर्षों से कंसालिडेशन पर फोकस कर रही थी, जिसके तहत बेहतर सर्विस सेंटर और सेवाएं ग्राहकों को देने की कवायद थी। इसी के मद्देनजर कंपनी ने साल 2011 में बहुत आक्रामक रुख नहीं रखा था। कंपनी ने 2011 में 972 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, जो 2012 में बढ़कर करीब 1,200 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
कंपनी अब नई तैयारियों के साथ 2013 में 1,600-1,700 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके तहत कंपनी ने छह श्रेणियों में 79 उत्पाद लांच किए हैं।
ब्रैगांजा के अनुसार कंपनी का जोर नई तकनीकी पर है, जिसे देखते हुए एलईडी पर कंपनी का फोकस है। एलसीडी और एलईडी की कीमतों में काफी कम अंतर रह जाने और एलईडी की बेहतर तकनीकी को देखते हुए जून तक एलसीडी का उत्पादन कंपनी बंद कर देगी।
इसके अलावा हायर भारत में रेफ्रीजरेटर की उत्पादन क्षमता भी बढ़ाएगी। कंपनी साल 2014 तक 7.5 लाख रेफ्रीजरेटर उत्पादन की क्षमता को बढ़ाकर 20 लाख तक करेगी। कंपनी इसके अलावा टियर-3 शहरों में खास तौर से अपने नेटवर्क का विस्तार करेगी।