मौजूदा बुरे वक्त से बाहर निकालने के लिए दोबारा बुलाए गए इंफोसिस के चेयरमैन एनआर नारायण मूर्ति ने कहा कि योग्य इंफोसिस के पुनर्निर्माण कार्य में कम से कम 36 महीने लगेंगे और इसके लिए कुछ सख्त फैसले लेने पड़ेंगे।
कंपनी की 32वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए कहा कि चुनौती कठिन है और काम मुश्किल है। एजीएम में नारायण मूर्ति की एक्जीक्यूटिव चेयरमैन पद पर की गई नियुक्ति को मंजूरी दी गई।
मूर्ति ने कहा कि कंपनी मुश्किल हालात से गुजर रही है लेकिन हमें आशावादी होना चाहिए। हमारे पास गर्व करने के लिए बहुत कुछ हैं। हमें संयुक्त प्रयास से इस हालात से निकल सकते हैं और कंपनी पहले भी इससे कठिन हालातों से बाहर निकली है।
उन्होंने कहा कि कंपनी आउटसोर्सिंग कारोबार में बड़ा हिस्सा लेने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कंपनी की खूबियों को गिनाते हुए कहा कि कंपनी को इन हालात से निकलने में कम से कम 36 महीने लगेंगे।
नारायणमूर्ति ने कहा कि कंपनी को राजस्व बढ़ाने के लिए अपने मुख्य कारोबार आउटसोर्सिंग पर जोर देना होगा। इससे ध्यान हटने की वजह से मुनाफे में कमी आई और कारोबार तथा मार्जिन घट गया।
पुरानी स्थिति वापस पाने के लिए एप्लीकेशंस डेवलपमेंट, रखरखाव, टेस्टिंग, बीपीओ और आधारभूत ढांचा क्षेत्र के प्रबंधन में संभावनाएं तलाशनी होंगी।
पिछले कुछ समय से इंफोसिस के कारोबार और मुनाफे में कमी आई है जबकि उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनियां विप्रो और टीसीएस मुनाफे में रही है। इससे निपटने के लिए इंफोसिस ने अपने पुराने अध्यक्ष नारायण मूर्ति को फिर से अध्यक्ष नियुक्त किया है।