प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के चेयरमैन सी. रंगराजन ने कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती महंगाई के रुख पर निर्भर करेगी। रिजर्व बैंक 19 मार्च को मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करने वाला है।
रंगराजन ने यहां आईसीसी के एक कार्यक्रम में कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में कटौती महंगाई दर के रुख पर निर्भर करेगी। इसके साथ ही रिजर्व बैंक सरकार द्वारा राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने के लिए की गई वित्तीय पहलों को भी ध्यान में रखेगा।
थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर इस साल जनवरी में घटकर 6.62 फीसदी पर आ गई। जबकि गत दिसंबर में यह आंकड़ा 7.18 फीसदी और नवंबर में 7.24 फीसदी रहा था। पिछले साल जनवरी में महंगाई दर 7.23 फीसदी पर थी।
बजट 2013-14 में वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा था कि आगामी 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.2 फीसदी रहेगा।
अगले वित्त वर्ष इसे घटाकर 4.8 फीसदी लाने का लक्ष्य है। इससे पहले, तीसरी तिमाही की मौद्रिक समीक्षा में रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने रेपो रेट और सीआरआर में 0.25-0.25 फीसदी की कटौती की थी। इस कटौती से बैंकिंग तंत्र में 18 हजार करोड़ रुपये की नकदी का प्रवाह हुआ था। फिलहाल, रेपो रेट 7.75 फीसदी और सीआरआर 4 फीसदी है।