भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने एक बार सबको चौंकाते हुए सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया है।
आरबीआई गवर्नर रघुराम ने रेपो रेट में बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
बढ़ोतरी के रेपो रेट 7.75 फीसदी से बढ़कर 8 फीसदी हो गया है। वहीं रिवर्स रेपो रेट भी 6.75 फीसदी से बढ़कर 7 फीसदी हो जाएगा। हालांकि आरबीआई ने सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया है और ये 4 फीसदी पर स्थिर है।
आरबीआई का कहना है कि वित्त वर्ष 2014-15 में जीडीपी ग्रोथ 5-6 फीसदी रहने का अनुमान है। पर महंगाई दर बढ़ने का जोखिम बरकरार रहेगा। दरअसल महंगाई में दबाव जारी रहने के कारण ब्याज दरें बढ़ाईं हैं। लेकिन महंगाई जल्द काबू में आई तो इसके बाद ब्याज दरें नहीं बढ़ाएंगे।
रिजर्व बैंक के मुताबिक ब्याज दरें बढ़ाने के बाद ऊर्जित पटेल कमिटी के लक्ष्य को हासिल करने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2014 में जीडीपी ग्रोथ 5 फीसदी के अनुमान से कम रहने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2013-14 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक(सीपीआई) के आधार पर तय होनी वाली महंगाई दर 9 फीसदी से ज्यादा रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2014-2015 की चौथाई तिमाही में सीपीआई महंगाई दर 7.5-8.5 फीसदी रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2014 में चालू खाता घाटा 2.5 फीसदी से कम रहने का अनुमान है।
रिजर्व बैंक ने बताया कि जुलाई-सितंबर में सीपीआई महंगाई दर औसतन 8.9 फीसदी रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2014-15 में सीपीआई महंगाई दर 8.5 फीसदी रहने का अनुमान है। चालू खाता घाटे को कम करने में कमी सरकार के लिए काफी बड़ी कमी कही जा सकती है।