नकद लेनदेन को सीमित करने के मद्देनजर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने प्रीपेड कार्ड की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी। रिजर्व बैंक ने बयान जारी कर बताया है कि प्री-पेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (पीपीआई) की सीमा बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। पीपीआई में किसी भी समय 1 लाख रुपये से अधिक रकम नहीं होनी चाहिए।
रिजर्व बैंक के इस कदम से सिस्टम में नकद लेनदेन को सीमित करने के उद्देश्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, रिजर्व बैंक ने गिफ्ट कार्ड्स की अधिकतम वैधता एक साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी है। हालांकि रिजर्व बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि गिफ्ट कार्ड्स के संबंध में पीपीआई दिशानिर्देशों के अन्य प्रावधान पहले की तरह बने रहेंगे।
रिजर्व बैंक ने पूरी तरह केवाईसी (नो योर कस्टमर) नियमों को पूरा करने वाले बैंक खातों से खाताधारक के आश्रित या परिवार के सदस्यों के लिए मल्टीपल पीपीआई जारी करने की अनुमति दे दी। हालांकि, एक लाभार्थी को केवल एक ही कार्ड जारी किया जा सकता है। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने यह भी कहा है कि बैंक पीपीआई की निगरानी और संदेहास्पद लेनदेन की जानकारी फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट इंडिया (एफआईयू आईएनडी) को देने के लिए एक व्यवस्था बना सकते हैं।