भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल करेंसी बिट कॉयन के प्रति सावधान किया है।
रिजर्व बैंक के अनुसार इस तरह की करेंसी का न तो कोई नियामक होता है और न ही इसकी कोई कानूनी वैधानिकता है। इस तरह की करेंसी में कोई स्थायित्व भी नहीं होता और ये सट्टेबाजी की प्रवृत्ति पर आधारित होती हैं।
रिजर्व बैंक ने कहा है कि बिटकॉयन, लिटीकॉयन, बीबीकॉयन और डोजीकॉयन जैसी मुद्राएं किसी भी केंद्रीकृत संस्था अथवा बैंक द्वारा स्वीकृत नहीं हैं।
रिजर्व बैंक ने कहा है कि उसकी नजर इस तरह की गतिविधियों पर लगातार है और इसके लिए किसी भी तरह की कोई मंजूरी किसी के पास नहीं है।
इस तरह की करेंसी के लिए किसी भी तरह की कोई सिक्योरिटी नहीं है, जिससे इसे पूरी तरह सट्टे पर आधारित कहा जा सकता है।
रिजर्व बैंक ने आगाह किया है कि डिजिटल प्रारूप में रखी जाने वाली इस मुद्रा को हैकर आसानी से हैक कर सकते हैं, पासवर्ड खो सकता है और धारक को बड़ा घाटा उठाना पड़ सकता है।