साल 2005 से पहले के नोट वापस लेने के ऐलान ने आम लोगों में कई तरह की चिंता खड़ी कर दी है।
विज्ञापन
उठते सवालों की गंभीरता को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने दो दिन के भीतर इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण जारी किया है। रिजर्व बैंक के अनुसार नोट वापस लेने के फैसले से लोगों को घबड़ाने की जरूरत नहीं है।
बैंकों के जरिए सभी के नोट वापस होंगे। साथ ही किसी को इस बात के लिए आशंकित नहीं होना चाहिए कि एक जुलाई से नोट वापस करने में परेशानी होगी।
कितनी भी मात्रा में बदल सकते हैं नोट
रिजर्व बैंक के अनुसार पांच रुपए, 10 रुपए, 20 रुपए, 50 रुपए, 100 रुपए, 500 और 1,000 रुपए के नोट बैंकों में अगली सूचना तक बदले जाते रहेंगे।
आरबीआई के अनुसार साल 2005 से पहले के नोट की संख्या इतनी ज्यादा नहीं है कि लोगों को बैंकों से नोट बदलने में परेशानी हो।
रिजर्व बैंक ने एक जुलाई से 10 और उससे ज्यादा की संख्या में नोट बदलने पर भी स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि कोई व्यक्ति कितनी भी मात्रा में नोट उस बैंक में बदल सकता है, जहां उसका खाता है।
उसके लिए कोई पहचान पत्र आदि देने की जरूरत नहीं है।
अभी भी बदले जाते हैं एक-दो रुपए के नोट
हालांकि यदि कोई व्यक्ति ऐसे बैंक में नोट बदलना चाहता है, जहां उसका खाता नहीं है, वहां उसे अपना पहचान पत्र और निवास स्थान पत्र 10 और उससे ज्यादा 500 और 1,000 रुपए के नोट बदलने पर दिखाना होगा।
लोगों में फैली हड़बड़ाहट पर ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार नोट बदलने में किसी तरह की कोई दिक्कत आने की संभावना नही है।
अभी भी एक रुपए और दो रुपए के नोट बैंकों (करेंसी चेस्ट शाखा) के जरिए बदले जा रहे हैं।
ऐसे नोट एक अप्रैल से नहीं रहेंगे चलन में
ऐसे में लोगों की इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि साल 2005 से पहले के नोट आरबीआई द्वारा वापस लिए जाने के बाद, बैंकों में नहीं बदले जाएंगे।
आरबीआई ने साल 2005 से पहले के नोट 31 मार्च 2014 के बाद नहीं चलाने का फैसला किया है।
ऐसे में इस तरह के नोट एक अप्रैल से चलन में नहीं रहेंगे, पर बैंक रिजर्व बैंक के नए आदेश आने तक सभी नोटों को बदलना जारी रखेंगे।