खादी की ब्रांडिंग और गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए बनने वाला खादी मार्क अब जल्द मूर्त रुप ले सकता है। इसके तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय ने खादी मार्क की अंतिम मंजूरी के लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग के पास मसौदे को भेज चुका है। सूत्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार को खादी आयोग की बैठक में इसकी मंजूरी मिल सकती है। जिसके बाद खादी मार्क को अधिसूचना के जरिए लागू कर देने की तैयारी है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि खादी की गुणवत्ता और शुद्धता का भरोसा देने के लिए आईएसआई मार्क की तरह खादी मार्क बनाया जा रहा है। नए प्रस्ताव के तहत खादी मार्क उत्पाद के खादी होने का प्रमाण पत्र होगा। जो कारोबारी खादी नाम से उत्पाद बेचना चाहेंगे उसे अपने उत्पाद पर खादी मार्क लेना अनिवार्य होगा। यानी कोई भी कारोबारी खादी बेच सकेगा, बशर्ते कि उसे खादी मार्क की स्वीकृति लेनी होगी।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इसके लिए खादी मार्क रेगुलेशन एक्ट 2012 लाया जाएगा। जिस संबंध में खादी और ग्रामोद्योग के पास अंतिम मंजूरी के लिए मसौदा भेजा गया है। अधिकारी ने बताया आईएसआई मार्क की तरह खादी मार्क पाने के लिए उत्पाद का परीक्षण एक स्वतंत्र एजेंसी करेगी। जिसमें खादी ग्रामोद्योग आयोग, भारतीय मानक ब्यूरो और इंडस्ट्री से जुड़े सदस्य होंगे।
साथ ही एक समिति का गठन किया जाएगा जो प्रस्तावों पर विचार करेगी। जिसकी मंजूरी के बाद खादी मार्क दिया जाएगा। यह मार्क मिलने के बाद उस उत्पाद की खादी होने की गारंटी होगी। खादी मार्क पाने के लिए एक बार में एक मुश्त 5,000 रुपये शुल्क चुकाना होगा। जिसका समय-समय पर उत्पादों के परीक्षण के साथ नवीनीकरण कराना होगा। इसके अलावा, खादी मार्क के तहत रसायनिक उत्पादों को भी लाने की तैयारी मंत्रालय की है। जिससे खादी उत्पादों की एक पूरी रेंज तैयार की जा सके।