वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि बढ़ते चालू खाता घाटे के मद्देनजर सरकार सोने का आयात कम करने के लिए कुछ और कदम उठाने पर विचार कर रही है। ताकि, चालू घाटे पर अंकुश लगाया जा सके। यहां एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि सोने का आयात कम करने के लिए हम कुछ और नीतिगत उपाय करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
पिछले सप्ताह आयात घटाने के लिए सरकार ने आयात शुल्क 4 फीसदी से बढ़ाकर 6 फीसदी कर दिया है। इसके साथ ही म्यूचुअल फंडों द्वारा बेची जा रही गोल्ड ईटीएफ स्कीम को बैंकों की गोल्ड जमा योजनाओं से जोड़ दिया है।
जिससे कि बाजार में फिजिकल गोल्ड की उपलब्धता बढ़ सके। चिदंबरम ने कहा कि करों में बढ़ोतरी कर हमने सोने का आयात नियंत्रित करने की कोशिशें की हैं। गोल्ड ईटीएफ को बैंकों के गोल्ड जमा से जोड़ने से 15, 20 टन निष्क्रिय पड़ा सोना बाजार में आएगा। इस तरह, जब निष्क्रिय पड़ा सोना जब बाजार में आएगा, तो इसका आयात घटेगा।
दिसंबर तक भारत ने 38 अरब डॉलर के सोने का आयात किया। पिछले वित्तीय वर्ष में सोने का आयात 56 अरब डॉलर का हुआ था। पेट्रो उत्पादों के बाद भारत में सबसे अधिक सोने का आयात होता है, जिसके चलते सरकार का चालू खाता घाटा बढ़ता है। जुलाई-सितंबर तिमाही में चालू खाता घाटा जीडीपी का 5.4 फीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। यहां तक कि रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक समीक्षा में भी सोने के अधिक आयात और बढ़ते चालू खाता घाटे पर चिंता जताई है।