कतर की सरकारी विमानन कंपनी कतर एयरवेज ने भारतीय विमानन कंपनी इंडिगो में हिस्सेदारी खरीदने के लिए फिर से इच्छा जताई है। कंपनी का कहना है कि यदि किसी भारतीय विमानन कंपनी में निवेश का मौका मिलेगा तो उनकी पहल और अंतिम प्राथमिकता इंडिगो होगी, कोई अन्य नहीं।
दुनिया के आधुनिकतम ए 350 एक्सडब्ल्यूबी श्रेणी के पहले विमान को अपने बेड़े में शामिल करने के बाद अमर उजाला से खास बातचीत में कतर एयरवेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अकबर अल बकर ने बताया कि यदि किसी भारत के किसी भी विमानन कंपनी में निवेश का मौका मिले, तो उनकी पहली पसंद इंडिगो होगी। दूसरी पसंद के बारे पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि दूसरे नंबर पर कोई अन्य कंपनी नहीं है। बात चाहे, स्पाइस जेट की हो, गो एयर की हो या सरकारी कंपनी एयर इंडिया की ही हो, कतर एयरवेज किसी भी कंपनी कोई निवेश नहीं करेगी। उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी कतर एयरवेज ने इंडिगो में निवेश की इच्छा जताई थी, लेकिन इंडिगो ने इस प्रस्ताव को तवज्जो नहीं दी थी।
उन्होंने कहा कि भारत में एक दूरदर्शी नेता (नरेन्द्र मोदी) ने देश की कमान संभाली है तो उन्हें भी आशा बंधी है कि भारत के विमानन क्षेत्र में अब कुछ नया होगा। उनका कहना है कि यदि भारतीय विमानन क्षेत्र को खोला जाता है, तो वह भी इसका हिस्सेदार बनना चाहेंगे। उन्होंने भारत से मजबूत आर्थिक रिश्ते की चर्चा करते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इसे और मजबूती मिलेगी।
मलेशिया एयरलाइंस के लापता विमान एमएच 370 की चर्चा करते हुए कह कि इस तरह की दुर्घटनाओं पर रोक लग सकती है। इसकी तकनीक दुनिया में मौजूद है और कतर एयरवेज इस समय इसका परीक्षण कर रही है। उनके मुताबिक इसका परीक्षण सफल रहा, तो उनके सभी विमानों में इसे लगा दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने इस तरह की तकनीक देने वाली कंपनी या इसमें होने वाले निवेश का खुलासा करने से मना कर दिया।
अल बकर का कहना है कि परीक्षण के लिए तो उपकरण मुफ्त में मिले हैं। यदि यह सफल होता है, तो कंपनी इसका रेट कोट करेगी। फिर मिल कर तय किया जाएगा कि इसकी कीमत क्या होगी। उसके बाद ही इस पर निवेश के बारे में कोई जानकारी दी जा सकती है। भारत को एक बेहतरीन देश बताते हुए उन्होंने कहा कि यह मार्ग हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा इसी बात से लगता है कि भारत की उड़ान के लिए हमने ड्रीमलाइनर विमान को लगाया हुआ है।