पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण से मिले। पड़ोसी राज्यों को
औद्योगिक पैकेज से राज्य को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। वाघा बॉर्डर
से व्यापार की राह आसान करने की मांग।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की तर्ज पर पंजाब ने भी केंद्र सरकार से विशेष औद्योगिक पैकेज देने की मांग की है। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलकर पंजाब में उद्योगों का मुद्दा उठाया है। इस दौरान वाघा बॉर्डर से पाकिस्तान के साथ व्यापार की अड़चनों को दूर करने पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने बताया कि पंजाब के पड़ोसी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को केंद्र सरकार विशेष औद्योगिक पैकेज दे रही है। इससे देश भर के उद्योगों का रुझान इन राज्यों की ओर बढ़ा है, जिसका नुकसान पंजाब को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने निर्मला सीतारमण से मिलकर पंजाब में भी इन राज्यों की तरह उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग की है।
वाघा बॉर्डर से व्यापार बढ़ाने की कोशिशवाघा बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए प्रकाश सिंह बादल ने कस्टम चौकी पर कंटेनर स्कैनर लगाने पर भी जोर दिया है। इससे बॉर्डर पर ट्रकों से सामान लोड-अनलोड किए बगैर आवाजाही संभव हो पाएगी। मुंबई-करांची के बीच जितनी वस्तुओं के व्यापार की छूट है, पंजाब सरकार वाघा बॉर्डर पर भी वैसी ही छूट हासिल करने की कोशिश में जुटी है। फिलहाल वाघा बॉर्डर से सिर्फ १३७ वस्तुएं के व्यापार की छूट है।
पंजाब की स्थिति का होगा अध्ययनपंजाब के उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल ने बताया कि निर्मला सीतारमण ने पंजाब की स्थिति का अध्ययन करने के बाद राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया है। मित्तल का कहना है कि पड़ोसी राज्यों को मिले औद्योगिक पैकेज से पंजाब को जो नुकसान पहुंच रहा है, केंद्र को उसकी भरपाई करनी चाहिए। पंजाब उद्योगों का पुराना गढ़ रहा है। यहां हौजरी, ऑटोमोबाइल, स्पोट्र्स, एग्री-बिजनेस से जुड़े उद्योगों को खास प्रोत्साहन देने की जरूरत है।