अब बैंक आपसे एसएमएस अलर्ट के नाम पर मनमाना शुल्क नहीं ले सकेंगे। बैंक केवल इस्तेमाल के आधार पर ही ग्राहकों से एसएमएस सेवा के बदले में शुल्क लेंगे।
रिजर्व बैंक के नए निर्देश के बाद बैंकों को मौजूदा शुल्क व्यवस्था में बदलाव करना होगा।
अभी सरकारी और निजी बैंक अपने-अपने हिसाब से ग्राहकों से यह शुल्क लेते हैं। इसके लिए ग्राहकों के खातों से सी हर साल यह शुल्क काट लिया जाता है। देश में एटीएम कार्ड का प्रयोग करने वाले 95 फीसदी से ज्यादा लोग बैंकों की एसएमएस अलर्ट सेवा प्रयोग करते हैं।
रिजर्व बैंक के नए निर्देश के बाद बैंक अब ग्राहक के सेवा लेने पर ही एसएमएस शुल्क लेंगे।
रिजर्व बैंक ने एक अन्य निर्देश के तहत एटीएम कम डेबिट कार्ड आदि के इस्तेमाल पर आधार के जरिए सुरक्षा प्रणाली बेहतर करने का बैंकों को विकल्प दिया है।
रिजर्व बैंक के अनुसार कार्ड के दुरुपयोग को रोकने के लिए बैंक अब ईवीएम चिप, पिन नंबर के अलावा आधार से भी कार्ड को जोड़ सकेंगे जो बॉयोमीट्रिक प्रणाली के आधार पर काम करेगा।