छोटे और मझोले सेक्टर के लिए कुशल श्रमिक और बेहतर तकनीक को विकसित करने के लिए देश में 10 और नए टूल रूम लगाने की सरकार तैयारी कर रही है। इसके तहत सरकार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार, पंजाब, कर्नाटक उड़ीसा में टूल रुम लगाएगी। देश में अभी 10 टूल रुम हैं।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि टूल रूम के जरिए छोटे और मझोले सेक्टर के लिए कुशल श्रमिक और खास तकनीकी विकसित करने में मदद मिल रही है। देश में मौजूदा 10 टूल रूम काफी अच्छा परिणाम दे रहे हैं। जहां लोगों को बेहतर प्रशिक्षण मिल रहा है, बल्कि वह कुछ बेहतरीन प्रोजेक्ट के लिए भी काम कर रहे हैं। इसे देखते हुए मंत्रालय अगले दो साल में 10 और नए टूल रूम बनाने की तैयारी कर रहा है।
अधिकारी के अनुसार मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में टूल रुम लगाने के लिए राज्य सरकार से जमीन मांगी है। टूल रूम के लिए सामान्य तौर पर 20-25 एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है। साथ ही उसको विकसित करने के लिए करीब 150 करोड़ रुपये का निवेश करना होता है।
अधिकारी ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के अलावा मध्य प्रदेश के भोपाल के मंडीदीप, छत्तीसगढ़ के दुर्ग, उड़ीसा के भुवनेश्वर, बिहार के पटना, उत्तराखंड के नैनीताल आदि क्षेत्रों में टूल रूम बनाने के लिए मंत्रालय तैयारी कर रहा है। जिसके तहत अधिकतर राज्यों ने जमीन देने की मंजूरी दे दी है।
देश में अभी 2.61 करोड़ छोटे और मझोले उपक्रम हैं। जिसमें से 90 फीसदी से ज्यादा छोटे उपक्रम है। छोटे और मझोले सेक्टर की देश के उत्पादन क्षेत्र में 40 फीसदी और निर्यात में 45 फीसदी के करीब हिस्सेदारी है।