राशन के लिए दी जाने वाली खाद्य सब्सिडी से साबुन, तेल और मंजन सहित अन्य रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं की खरीद भी संभव हो सकेगी। केंद्र की योजना है कि गरीबों को रियायती दर पर राशन देने के बदले सीधे उनके खाते में हस्तांतरित की जाने वाली आर्थिक सहायता के उपयोग की बाध्यता को समाप्त किया जाए।
इससे बीपीएल कार्ड धारकों को यदि किसी महीने सीमित मात्रा में ही राशन की जरूरत है, तो उस महीने की बची हुई सब्सिडी का उपयोग वह अन्य उपयोग की वस्तुएं खरीद सकेंगे। मगर यह खरीद सिर्फ राशन की दुकानों से ही संभव होगी।
केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रो. केवी थॉमस ने बताया कि खाद्य सब्सिडी से रोजमर्रा उपयोग की वस्तुएं खरीदने का सुझाव योजना आयोग ने दिया है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया का मानना है कि जरूरी नहीं कि सभी कार्ड धारक प्रत्येक महीने उतने ही अनाज की खरीददारी करें।
किसी महीने यदि उन्हें अनाज की कम जरूरत है तो यह बाध्यता नहीं होनी चाहिए कि वह पूरी सब्सिडी का उपयोग सिर्फ अनाज की खरीद में ही करें। लिहाजा सब्सिडी के उपयोग के लिए ऐसी योजना बननी चाहिए, जिससे गरीबों की रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी हो सकें। मगर इसके लिए राशन की दुकानों पर भी अनाज, दाल व खाद्य तेल के अलावा रोजमर्रा उपयोग की वस्तुएं भी बेचने की इजाजत देनी होगी।
थॉमस ने बताया कि राशन की दुकानों पर रोजमर्रा उपयोग की वस्तुओं की उपलब्धता के लिए खाद्य मंत्रालय ने हाल ही मे सभी राज्यों को पत्र लिख सुझाव मांगे गए हैं।