देश के प्रमुख सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक ने जमा दरों में कटौती कर दी है। बैंक के इस कदम से ग्राहकों को उनके जमा पर जहां कम ब्याज मिलेगा, वहीं इस इस फैसले के बाद कर्ज सस्ता होने की उम्मीद भी बढ़ गई है।
हालांकि इससे आने वाले दिनों में दूसरे बैंक भी जमाओं पर आपको अभी की तुलना में कम ब्याज देने की घोषणा कर सकते है, पर बैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि यह कर्ज की दरों में कमी का भी संकेत है।
पंजाब नेशनल बैंक द्वारा सोमवार को जारी की गई सूचना के अनुसार बैंक ने 180 दिन से लेकर 364 दिन की जमाओं (एक करोड़ रुपये से कम) पर ब्याज दर 8.75 फीसदी से घटाकर 7.50 फीसदी कर दिया गया है। इसी तरह बैंक ने एक करोड़ रुपये से लेकर 10 करोड़ रुपये तक की जमाओं में दो फीसदी तक कमी की है।
बैंक ने 30-45 दिन की जमाओं पर ब्याज 8.50 फीसदी से घटाकर 6.50 फीसदी कर दिया है। इसी तरह 46-90 दिन पर 7.0 फीसदी, 180-364 दिन पर बैंक अब 8.25 फीसदी ब्याज दे रहा है। बैंक की नई दरें 1 अप्रैल से लागू हो गई हैं।
बैंक ऑफ इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जनवरी से मार्च 2013 की अवधि में अग्रिम कर भुगतान आदि की वजह से बैंकिंग प्रणाली में नकदी की कमी आ गई थी। नए वित्त वर्ष में कर्ज की रफ्तार बढ़ाने के लिए सस्ता कर्ज देना जरूरी है। ऐसे में लागत कम करने के लिए बैंकों द्वारा जमाओं में कमी की जाएगी।
आरबीआई ने भी रेपो रेट में भी मार्च में 0.25 फीसदी की कमी की गई है, जिसका असर भी अप्रैल में दिखेगा। बैंक जो राशि ग्राहकों से जमा के रूप में लेते हैं, यदि वह उस पर ज्यादा ब्याज देंगे, तो कर्ज की दरें भी उसी अनुपात में ज्यादा होंगी। ऐसे में कर्ज सस्ता करने के लिए बैंकों को अपनी लागत कम करने के लिए जमा दरों में कमी करनी होती है।
इसके बाद कर्ज सस्ता होने का रास्ता तैयार होता है। हालांकि बैंकों की लागत में कमी आने के लिए दूसरे कारक भी अहम होते हैं।