गेहूं खरीद के पीक सीजन के दौरान भंडारण की समस्या को देखते हुए कृषि मंत्री शरद पावर ने कहा है कि नए फसलों की जगह बनाने के लिए एफसीआई गोदामों से और अधिक गेहूं निर्यात किए जाने की गुंजाइश है।
वित्त वर्ष 2012-13 में सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों से 95 लाख टन गेहूं निर्यात की अनुमति दी। इसमें से पिछले महीने 50 टन गेहूं का निर्यात निजी कारोबारियों द्वारा करने की अनुमति दी गई।
पवार ने कहा है कि गेहूं कटाई 14 अप्रैल से पूरी रफ्तार से शुरू हो जाएगी। हमारा लक्ष्य 450 लाख टन गेहूं खरीद का है। जबकि, एफसीआई के गोदामों में पिछले साल का 90 लाख टन का स्टाक मौजूद है। इतने बड़े स्टाक को कहां रखा जाए। ऐसे में निर्यात किया जाना चाहिए।
इफको मामले की जांच नहीं कर सकता मंत्रालय
इफको द्वारा अपने शीर्ष कार्यकारी को दक्षिणी दिल्ली में प्राइम प्रॉपटी उपहार देने पर उपजे विवाद के बीच कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा है कि उनका मंत्रालय इफको के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। क्योंकि सरकार की उसमें कोई हिस्सेदारी नहीं है। इफको के फैसले में दखल देने का कोई भी अधिकार कृषि मंत्रालय के पास नहीं है।