सरकार ने सार्वजनिक उपक्रम राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) में अपनी 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचने को हरी झंडी दे दी है। इससे सरकार को करीब 7,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
सरकार एनएमडीसी में 10 फीसदी हिस्सेदारी विनिवेश के जरिए बेचेगी। फिलहाल, सरकार की हिस्सेदारी 90 फीसदी और 31 मार्च 2012 की स्थिति के अनुसार उपक्रम की इक्विटी पूंजी 396 करोड़ 47 लाख रुपये है। विनिवेश शेयर बाजारों के जरिये ऑफर फार सेल (ओएफएस) के जरिए बेची जाएगी। एनएमडीसी सूचीबद्ध नवरत्न उपक्रम है। विनिवेश के बाद सरकार की उपक्रम में हिस्सेदारी घटकर 80 फीसदी रह जाएगी।
विनिवेश को मंजूरी देने के साथ ही समिति ने ईजीओएम को ओएफएस के जरिए यदि जरूरी हुआ तो विनिवेश के तरीके में बदलाव के लिए अधिकृत किया है। विनिवेश के माध्यम से शेयर का न्यूनतम मूल्य, कितनी किश्तों में इसे बेचा जाना है, आवंटन का आधार और प्रत्येक किश्त में से कितने शेयर का आवंटन किया जाना है इसे ईजोओएम तय करेगा। ईजीओएम को यह भी अधिकार होगा कि यदि न्यूनतम मूल्य से कम या अधिक पर पर्याप्त मांग नहीं आती है तो वह ऑफर को स्वीकार या रद्द कर सकता है।