बैंक जल्द ही विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को विलफुल डिफॉल्टर (जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाले) घोषित कर सकते हैं। इस संबंध में वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की बैंकों के साथ भी बैठक हो चुकी है। जिसके आधार पर जरूरी प्रक्रिया पूरी कर बैंक किंगफिशर को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर सकेंगे।
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा मामलों के विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार मंगलवार को किंगफिशर एयरलाइंस को लेकर एसबीआई सहित प्रमुख बैंकों के साथ बैठक हुई है, जिसमें एसबीआई की ओर से अन्सर्ट एंड यंग द्वारा तैयार की गई फॉरेसिंक रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई है। वित्त मंत्रालय अधिकारी के अनुसार मोटे तौर पर किंगफिशर को विलफुल डिफॉल्टर घोषित करने का मामला बनता है।
ऐसे में बैंक जल्द ही कंपनी को डिफॉल्टर घोषित कर सकते हैं। किंगफिशर को एसबीआई के साथ 17 बैंकों ने मिलकर 6,500 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। इसके अलावा कोलकाता के यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया ने भी 400 करोड़ रुपये का कर्ज दे रखा है। जिसने पहले ही कंपनी को अलग से नोटिस दे रखा है। वित्त मंत्रालय की सूची के मुताबिक किंगफिशर देश के टॉप 50 डिफॉल्टरों में से सबसे ऊपर है।
वित्त मंत्रालय जानबूझ कर कर्ज नहीं चुकाने वालों पर सख्ती करने के लिए कई कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत कंपनी के प्रमोटर पर आपराधिक मामले, उनके पासपोर्ट जब्त करने जैसे सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।