यदि आपने पिछले एक साल में अपने क्रेडिट कार्ड से विदेश में खरीदारी की है, तो दिसंबर से आपको उसके भारत में इस्तेमाल के समय पिन नंबर डालना अनिवार्य होगा। इसी तरह देश में डेबिट कार्ड या एटीएम कार्ड से की जाने वाली खरीदारी पर भी दिसंबर से पिन नंबर लागू करने की व्यवस्था अनिवार्य होने जा रही है।
भारतीय रिजर्व बैंक इस व्यवस्था के जरिए क्रेडिट या डेबिट कार्ड के इस्तेमाल में होने वाली धोखाधड़ी में कमी लाना चाहता है।
भारतीय रिजर्व बैंक के अगस्त 2013 तक के आंकड़ों के अनुसार पीओएस (प्वांइट ऑफ सेल) मशीन के जरिए क्रेडिट कार्ड से करीब 1,074 करोड़ रुपये की खरीदारी हुई है। जबकि एटीएम या डेबिट कार्ड से 801 करोड़ रुपये की खरीदारी उपभोक्ताओं द्वारा की गई है। ऐसे में देश में बढ़ते कार्ड के इस्तेमाल से उस पर जोखिम बढ़ता जा रहा है। इसी के तहत रिजर्व बैंक ने बैंकों को जून में इस व्यवस्था के लिए ढांचागत तैयारी करने के निर्देश दिए थे।
एचडीएफसी बैंक के सीनियर एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट पराग राव के अनुसार ‘एक दिसंबर से पिन कार्ड की अनिवार्यता लागू होनी है। जिसके लिए एचडीएफसी बैंक पूरी तरह तैयार है। जहां तक क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर पिन की अनिवार्यता की बात है, तो यह उन कार्ड पर इस्तेमाल होगा, जिनके जरिए विदेश में ट्रांजैक्शन किया गया है’।
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2013 की अवधि तक 4.1 करोड़ बार क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल हुए हैं। इसी तरह 5.54 करोड़ बार एटीएम या डेबिट कार्ड के इस्तेमाल किए गए हैं।
कार्ड के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए अब सभी बैंकों को यह व्यवस्था एक दिसंबर से लागू करनी है। हाल ही में रिजर्व बैंक ने सितंबर में बैंकों को निर्देश में कहा है कि नई व्यवस्था को लागू करने में अब कोई छूट नहीं दी जाएगी।