सुप्रीम कोर्ट ब्रिटेन की मोबाइल दूरसंचार कंपनी वोडाफोन से 20 हजार करोड़ रुपये बकाया कर वसूलने का केंद्र को आदेश देने तथा इस मामले में मध्यस्थता कराए जाने से रोकने संबंधी याचिका पर 1 जुलाई को सुनवाई करेगा।
पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विश्वजीत भट्टाचार्य ने न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन और न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह की अवकाशकालीन खंडपीठ के समक्ष अपनी जनहित याचिका (पीआईएल) का विशेष उल्लेख किया।
उन्होंने दलील दी कि केंद्र सरकार को वोडाफोन से 20 हजार करोड़ रुपये बकाया कर वसूलने का आदेश दिया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में भारत-नीदरलैंड द्विपक्षीय निवेश संरक्षण समझौते (आईएनबीआईपीए) के तहत मध्यस्थता की अनुमति देना संबंधित आयकर कानून और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।
उन्होंने दलील दी कि केंद, सरकार 2012 में आयकर कानून में हुए संशोधन के तहत बकाया कर की वसूली नहीं कर रही है।