सौ दिनों में देश के पांच करोड़ पीएफ खाता धारकों को स्थायी अकाउंट नंबर मिल जाएगा। अगले तीन माह में सौ फीसदी ऑनलाइन पीएफ भुगतान की सुविधा भी शुरू हो जाएगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने केंद्र सरकार के निर्देश पर तय किए गए अगले सौ दिनों के एजेंडे में इसे प्राथमिकता के साथ शामिल किया है।
ईपीएफओ की प्राथमिकताओं में शामिल इन योजनाओं के जरिये कर्मचारी के नौकरी या शहर बदलने के बाद पीएफ नंबर नहीं बदलेगा। वहीं बिना कागजी कार्यवाही के बैंक खाते में पीएफ रकम जमा हो जाएगी। हालांकि संगठन ने पहले 15 अक्टूबर तक स्थायी खाता नंबर देने और सितंबर अंत तक ई-पेमेंट सुविधा शुरू करने की योजना बनाई थी। लेकिन अब सितंबर के पहले पखवाड़े में ही इन योजनाओं को पूरा करना होगा।
जल्दी होगा पीएफ का भुगतान
शुक्रवार को श्रम मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ मंत्रालय के आला अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में शामिल एक अधिकारी ने बताया किईपीएफओ को ऐसे निर्णय जमीन पर उतारने को कहा गया है जिससे पीएफ खाताधारकों की सुविधा में इजाफा हो।
साथ ही संगठन की सेवाएं भी बेहतर हो सके। इसलिए संगठन के आधुनिकीकरण, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम का सर्वाधिक इस्तेमाल के जरिये क्षमता बढ़ाने की सलाह दी गई है। हालांकि संगठन का दावा है कि वर्तमान में करीब 94 फीसदी भुगतान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होता है।
ऑनलाइन होगा 100 फीसदी काम
संगठन अब पीएफ खाते के निपटारे के लिए ऑनलाइन आवेदन करने और सौ फीसदी ई-भुगतान प्राप्त करने की सुविधा जल्द शुरू करने जा रहा है।
ताकि पीएफ भुगतान के लिए चेक या बैंक ड्राफ्ट की जरूरत नहीं पड़े। इसके अलावा संगठन के दस सूत्रीय एजेंडे में ऑनलाइन पीएफ कोड का आवंटन, पीएफ निवेश खासतौर पर सरकारी प्रतिभूतियों में करने, छूट प्राप्त संस्थाओं पर ऑनलाइन निगरानी जैसी पहल शामिल हैं।