वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने एक बार फिर उम्मीद जताई है कि आर्थिक सुधार की दिशा में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों से देश की अर्थव्यवस्था जल्द ही तेजी की राह पर लौट आएगी। उन्होंने वित्त वर्ष 2013 में 5.3 फीसदी वित्तीय घाटे का लक्ष्य हासिल करने का भी भरोसा जताया।
2जी स्पेक्ट्रम की दोबारा नीलामी में अपेक्षित रकम न मिल पाने पर उन्होंने कहा कि स्पेक्ट्रम की बिक्री से सरकार को अबतक मिली 17,343 करोड़ रुपये रकम को संतोषजनक नहीं कहा जा सकता, पर नीलामी अभी जारी है और इससे और रकम जुटाई जा सकती है। वित्त मंत्री ने विनिवेश के जरिये भी सरकार के खजाने में अच्छी खासी रकम आने की बात कहते हुए वित्त वर्ष के लिए निर्धारित विनिवेश का लक्ष्य पूरा हो जाने की उम्मीद जताई।
चिदंबरम ने शुक्रवार को कहा कि 2जी के स्पेक्ट्रम की नीलामी अभी पूरी नहीं हुई है और नीलामी प्रक्रिया पूरी हो जाने पर सरकार को अच्छा लाभ होगा। दूरसंचार से सम्बंधित मंत्री समूह के अध्यक्ष चिदंबरम ने कहा कि 2जी नीलामी के अब तक के चक्र को सफल या विफल नहीं कहा जा सकता, क्योंकि नीलामी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। अभी चार और जीएसएम सर्किल, सीडीएमए सर्किल के लिए नीलामी बची हुई है। मार्च से पहले अभी और नीलामियां होंगी। ऐसे में सरकार को नीलामी से अच्छी रकम मिलने की उम्मीदें बरकरार हैं।
चिदंबरम की यह प्रतिक्रिया 2जी नीलामी में सरकार द्वारा अनुमानित 40,000 करोड़ रुपये हासिल नहीं कर पाने के बाद नीलामी को फ्लॉप करार देने चर्चाओं के बाद सामने सामने आई है। दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने बताया कि सरकार को अबतक नीलामी से और 18 स्पेक्ट्रम धारकों से एक बार में लिए गए शुल्क से 17,343 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। इसमें स्पेक्ट्रम की बिक्री से 9,407 करोड़ रुपये तथा 18 स्पेक्ट्रम धारकों से एक बार में लिए गए शुल्क से 7,936 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
विनिवेश प्रक्रिया के जल्द जोर पकड़ने की बात कहते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि अब भी इस साल स्पेक्ट्रम से 27,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई जा सकती है। टेलिकॉम पर बनी ईजीओएम की बैठक जल्द होगी। साथ ही विनिवेश के मुद्दों पर भी ईजीओएम की बैठक जल्द होगी। वित्त वर्ष 2013 में 5.3 फीसदी वित्तीय घाटे का लक्ष्य हासिल करने का पूरा भरोसा है।
अहम बिलों पर विपक्ष के समर्थन की जरूरत
शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने वाले आर्थिक सुधारों से जुड़े विभिन्न बिलों के पास हो पाने की संभावनाओं के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार महत्वपूर्ण आर्थिक विधेयकों को पारित कराने को लेकर सभी राजनैतिक दलों से संपर्क कर रही है।
सत्र का विधायी एजेंडा बहुत बड़ा है, पर विभिन्न दलों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि चार सप्ताह के इस सत्र में इसे पूरा किया जा सके। गौरतलब है कि नवंबर 22 से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के एजेंडे में बीमा विधेयक, बैंकिंग नियमन संशोधन विधेयक और प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) जैसे अहम बिल शामिल हैं।