कोयले की बढ़ती लागत को देखते हुए केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग द्वारा दिए गए फैसले ने निजी पावर कंपनियों की चाहत बढ़ा दी है । हाल ही में आयोग ने अदाणी पावर लिमिटेड और कोस्टल गुजरात पावर लिमिटेड को बिजली की दरें (टैरिफ) बढ़ाने की छूट दे दी है। कंपनियों को ऐसा कोयले की बढ़ती लागत को देखते हुए करने की छूट दी गई है। इन दोनों कंपनियों को छूट मिलने के बाद अब देश की दूसरी निजी कंपनियां भी बिजली की दरें बढ़ाने की मांग कर रही हैं। कोस्टल गुजरात पॉवर लिमिटेड टाटा पॉवर की एक विशेष कंपनी (एसपीवी) है।
सूत्रों के अनुसार दोनों कंपनियों को मिली छूट के बाद कोस्टल आंध्र पॉवर, रिलायंस पावर, जीएमआर कामलंगा एनर्जी और एमको पॉवर ने भी सीईआरसी से इसी तरह की छूट की मांग की है, जिससे कि वह कंपनियां भी अपने टैरिफ में बढ़ोतरी कर सकेें। सीईआरसी अब इन सभी कंपनियों की याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इन कंपनियों के अनुसार कोयले के प्रमुख निर्यातक देश इंडोनेशिया की सरकार ने लंबी अवधि के समझौते के तहत कोयले की कीमत को अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ जोड़ दिया है। इसे देखते हुए उन्हें भी टैरिफ बढ़ाने की छूट मिलनी चाहिए।
अदाणी पॉवर और टाटा पावर की एसपीवी कोस्टल गुजरात लिमिटेड को मिली राहत के बाद दूसरी कंपनियां भी सीईआरसी से इसी तरह के फैसले की उम्मीद कर रही हैं। अदाणी पावर का गुजरात और हरियाणा की राज्य विद्युत वितरण कंपनियों के साथ बिजली आपूर्ति का समझौता है। इसी तरह कोस्टल गुजरात पॉवर लिमिटेड का महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब , हरियाणा में बिजली आपूर्ति का समझौता है।