देश में अनुसंधान एवं विकास पर जोर देने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव के बाद पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की महारत्न कंपनी ओएनजीसी लिमिटेड ने अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) पर विशेष ध्यान देने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने हाल ही में इस दिशा में कार्य शुरू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सलाहकार फर्म मैकेंजी को एक रिपोर्ट बनाने को कहा, जो अब कंपनी को सौंप दी गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर कंपनी एक अलग आरएंडडी कैडर बनाने की तैयारी कर रही है। इस पर अगले सप्ताह में फैसला हो सकता है।
ओएनजीसी के वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मैकेंजी आरएंडडी को बढ़ावा देने से जुड़ी यह रिपोर्ट करीब दो महीने पहले कंपनी को सौंप चुकी है। इसमें अन्य बातों के अलावा कंपनी में आरएंडडी का एक अलग कैडर बनाने की सिफारिश की गई है। इस समय ओएजनीसी में प्रोडक्शन, ड्रिलिंग, एचआर, पीआर एंड कम्युनिकेशन, फाइनेंस, एक्सप्लोरेशन, केमिस्ट्री, जिओलॉजी जैसे 70 से भी ज्यादा कैडर हैं।
हालांकि कंपनी में अनुसंधान एवं विकास का काम तो पहले से चल रहा है, लेकिन एक स्वतंत्र कैडर नहीं होने की वजह से अन्य कैडर के लोग इसमें कुछ दिन के लिए भेजे जाते हैं। ये लोग कुछ दिन के लिए वहां काम करते हैं फिर अपने मूल कैडर में लौट जाते हैं। रिपेार्ट का कहना है कि एक स्वतंत्र कैडर नहीं होने की वजह से कंपनी में अनुसंधान एवं विकास का कार्य गति नहीं पकड़ रहा है, इसलिए आरएंडडी का एक अलग कैडर हो।
ओएनजीसी सूत्रों के मुताबिक कंपनी के मानव संसाधन विकास विभाग ने इस बारे में एक प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इस प्रस्ताव को अगले सप्ताह कंपनी की कार्यकारी समिति की बैठक में पेश किए जाने की संभावना है। यदि बैठक में इसे मंजूरी मिल जाती है, तो आरएंडडी का नया कैडर बन जाएगा। ओएनजीसी की कार्यकारी समिति में कंपनी के अध्यक्ष और सभी पूर्णकालिक निदेशक शामिल हैं। इस समिति की एक महीने में कई बैठकें होती हैं।
ओएनजीसी में इस समय करीब 32,800 कार्मिक हैं, जिनमें से करीब 22,000 समूह ए के अधिकारी है। शेष कर्मचारी श्रेणी के कार्मिक हैं। वर्ष 2013-14 के दौरान ओएनजीसी का सकल कारोबार 1,78,205 करोड़ रुपये रहा था, जो 2012-13 के 1,65,849 करोड़ रुपये के मुकाबले 7.5 फीसदी अधिक था। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की कुल आय 84,201 करोड़ और लाभ 26,507 करोड़ रुपये रहा था।