सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ओएनजीसी केयर्न इंडिया के राजस्थान ऑयल फील्ड में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकती है। सरकारी कंपनी केयर्न इंडिया के सामने यह शर्त रख सकती है कि यदि ब्लॉक में उसकी हिस्सेदारी बढ़ाई जाती है, तो वह मौजूदा अनुबंध की अवधि के विस्तार पर सहमति दे सकती है।
राजस्थान के आरजे-ओएन-90-2 ब्लॉक पर केयर्न का अनुबंध 2020 में पूरा हो जाएगा और उसके बाद उसे यह तेल क्षेत्र ओएनजीसी को लौटाना होगा। इस ब्लॉक में इस समय ओएनजीसी की हिस्सेदारी 30 फीसदी है।
ओएनजीसी ने पेट्रोलियम मंत्रालय से कहा है कि केयर्न के साथ उत्पादन भागीदारी अनुबंध (पीएससी) की अवधि 2020 से आगे बढ़ाई जा सकती है, बशर्ते सभी पक्ष पारस्परिक तौर पर नए अनुबंध के नियमों पर सहमत हों।
ओएनजीसी के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि हम पीएससी की अवधि कम से कम 10 वर्ष के लिए बढ़ाने के केयर्न के अनुरोध पर चर्चा कर रहे हैं। बतौर लाइसेंसधारी रॉयल्टी को लेकर हमारी चिंताएं हैं और मियाद बढ़ाने के समय हम इन्हें दूर करना चाहेंगे।