केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि कर्मचारी कितने भी संस्थान बदले छह महीने में पूरे देश के लिए एक एकाउंट का उसका सपना हकीकत में बदल जाएगा। साथ ही हर पेंशनर को कम से कम 1000 रुपये पेंशन मिलने की व्यवस्था भी लागू करने पर तेजी से काम हो रहा है। 12वीं योजना में मंत्रालय हर साल एक करोड़ युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। इसके लिए बड़ी संख्या में आईटीआई खोले जाएंगे।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के उपक्षेत्रीय कार्यालय के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करने के बाद श्रम मंत्री खरगे ने उदारीकरण और भूमंडलीकरण के बीच कांट्रेक्ट व आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मियों को रखने को प्राथमिकता देने के नियोक्ताओं के रुख पर चिंता व्यक्त की है।
मंत्री ने कहा कि ऐसे में कर्मियों को बहुत कम तनख्वाह मिलती है और सामाजिक सुरक्षा के लिए जरूरी प्रोविडेंट फंड, कर्मचारी बीमा और ईएसआई जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सरकार ऐसे कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए योजना लाना चाहती है। सरकार न्यूनतम 1000 रुपये पेंशन देने के प्रस्ताव पर तेजी से काम कर रही है।
वहीं, कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि गैर सरकारी संगठनों के लिए जितनी योजनाएं आ रही हैं राज्य सरकारों को उस पर गंभीरता से अमल करना चाहिए। श्रमिकों का शोषण न हो यह सुनिश्चित करने के लिए तमाम कानून हैं लेकिन उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है।
आगामी सत्र में कई विधेयक लाएगा श्रम मंत्रालय
श्रम मंत्री ने कहा है कि संसद के आगामी सत्र में श्रमिकों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण बालश्रम, सफाई कर्मचारी, प्रोविडेंट फंड और फैक्ट्री एक्ट से जुड़े विधेयक लाए जा रहे हैं। माइन्स और माइग्रेट वर्कर एक्ट पहले से संसद के सामने है।
केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त आरसी मिश्र ने नवनिर्मित भवन को यूपी जैसे बड़े प्रदेश के लिहाज से छोटा बताते हुए कहा कि इसके विस्तार की तत्काल जरूरत महसूस हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार से इसके लिए जमीन देने का आग्रह किया।
शिकायती अस्पताल स्वास्थ्य बीमा योजना से होंगे बाहर
श्रममंत्री ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को असंगठित कर्मियों के लिए बड़ी पहल बताते हुए कहा कि अब तक 2.67 करोड़ लोगों को इसका कार्ड मिल चुका है। इससे करीब 13 करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं। जो अस्पताल ठीक से सुविधाएं नहीं दे रहे ऐसे अस्पतालों को योजना से बाहर किया जाएगा। मनरेगा में महीने में 15 दिन भी काम करने वाले कृषिकर्मी इस योजना से लाभान्वित होंगे।