भारत सरकार के एक अहम फैसले से कोरियाई कंपनियां बहुत ज्यादा उत्साहित हो गई है। कंपनियों में अब नई उम्मीद जगी है।
ओडिशा में पास्को के स्टील प्लांट को पर्यावरण मंजूरी मिलने से कोरियाई कंपनियों की उम्मीदें बढ़ी हैं। भारत की यात्रा पर आई दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क गेउन हेई ने उम्मीद जताई कि पास्को परियोजना शुरू होने से दूसरी बड़ी कोरियाई कंपनियां भी भारत में निवेश के लिए प्रेरित होंगी।
गौरतलब है कि 52 हजार करोड़ रुपये की पास्को परियोजना लंबे समय से पर्यावरण संबंधी मंजूरी के चलते अधर में लटकी हुई थी।
देश के तीन प्रमुख औद्योगिक संगठनों फिक्की, सीआईआई और एसोचैम के साथ एक बैठक में दक्षिण कोरिया की राष्ट्र प्रमुख ने खासतौर पर छोटे और लघु उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में कोरिया और भारत के बीच हुई व्यापार समझौते के बाद द्विपक्षीय व्यापार 70 फीसदी बढ़ा है। इस मौके पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि भारत विनिर्माण के क्षेत्र में कोरियाई निवेश चाहता है। उन्होंने कोरियाई उद्योगों को भारत की इंडस्ट्रियल टाउनशिप और चिप निर्माण के क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया है।