पेट्रोलियम मंत्री ने एक बड़े फैसले के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज और केयर्न इंडिया को कुछ शर्तों के साथ अपने-अपने उत्पादन क्षेत्रों में और तेल व गैस की खोज करने की इजाजत दे दी है। मामले से जुड़े सूत्रों का बताना है कि पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा करीब सालभर से मामले को लटकाए रखने के बाद इसी सप्ताह मोइली ने हाइड्रोकार्बन महानिदेशक (डीजीएच) ने पत्र लिखकर बताया कि मंत्रालय की ओर से दोनों कंपनियों को उनके उत्पादक क्षेत्र के आस-पास तेल व गैस की खोज करने की इजाजत दी जा रही है।
दोनों कंपनियों को तेल व गैस की खोज के लिए कुओं की खुदाई की इजाजत इस शर्त पर दी गई है कि उन्हें इसकी कॉस्ट रिकवरी की मंजूरी तभी मिलेगी, जबकि इन कुओं में व्यावसायिक रूप से तेल व गैस का उत्पादन लायक भंडार मौजूद होगा। इसका मतलब यह हुआ कि कंपनियां उन कुओं की कॉस्ट रिकवरी नहीं कर पाएंगी जिनमें तेल या गैस नहीं मिलेगी अथवा काफी कम मात्रा में मिलेगी। मौजूदा नियमों के तहत अगर कंपनी किसी क्षेत्र में तेल या गैस की खोज कर लेती है तो उस क्षेत्र की घेरेबंदी करके वहां से हाइड्रोकार्बन के उत्पादन के लिए लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।