पेट्रोलियम मंत्रालय रिलायंस इंडस्ट्रीज को पूर्वी तटीय क्षेत्र में गैस के तीन ज्ञात भंडारों को अपने पास रखने की अनुमति देने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने ला सकता है। पूर्व तटीय केजी-डी6 ब्लॉक में गैस के इन भंडारों को विकसित करने की समय सीमा बीत चुकी है और इनमें 1.45 अरब डॉलर की गैस होने का अनुमान है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) डी-20, 30 और 31 गैस खोज के लिए विकास योजना नहीं सौंप सकी है। इनमें 345 अरब घन फुट गैस भंडार होने का अनुमान है। इन भंडारों की पुष्टि को लेकर परीक्षणों के बारे में हाइड्रोकार्बन महानिदेशक (डीजीएच) के साथ कंपनी के विवाद के चलते विकास प्रकल्प प्रस्तुत करने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक, पेट्रोलियम मंत्रालय का मानना है कि इन खोजों को वापस लेने और इनके लिए फिर से बोली लगाने की प्रक्रिया से इसके विकास में देरी हो सकती है। मंत्रालय का मानना है कि रिलायंस इस मामले में मध्यस्थता का रास्ता अख्तियार कर सकती है। इससे उत्पादन में और देरी होगी और लागत खर्च भी बढ़ेगा।
आरआईएल इस तटीय क्षेत्र में अपने मौजूदा बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल कर के इन तीनों खोजों से गैस उत्पादन जल्दी करने की स्थिति में है। मौजूदा दर 4.2 एमएमबीटीयू के भाव पर वहां के भंडार का मूल्य 1.45 अरब डॉलर आंका गया है।