शेयरों के दाम में जोड़-तोड़ करके बढ़ोतरी व गिरावट लाने पर नकेल कसने और निवेशकों के जोखिम को एक दायरे में सीमित रखने के लिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने ब्रोकरों से कहा है कि 10 फीसदी के दायरे में ही शेयरों व अन्य सिक्यूरिटीज की खरीद-बिक्री (बिड) को सीमित रखें। यह व्यवस्था 24 दिसंबर से लागू हो जाएगी।
गौरतलब है कि 5 अक्तूबर को निफ्टी में अचानक 900 अंक की भारी-भरकम गिरावट के बाद हुए ‘फ्लैश क्रैश’ के बाद बाजार नियामक सेबी ने इसकी जांच के बाद ऐसी घटना दोबारा न होने के लिए निर्देश जारी किए थे। सेबी के यह निर्देश भी इसी दिन से प्रभाव में आ जाएंगे।