सरकारी कंपनियों को कोयला ब्लाकों के आवंटन के प्राप्त आवेदनों पर अंतर मंत्रालय समिति (आईएमसी) कोई निर्णय नहीं ले सकी।
कोयला सचिव की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में कोयला मंत्रालय के साथ ही बिजली, योजना आयोग, औद्योगिक नीति एवं सवंर्धन विभाग, आर्थिक मामलों के विभाग, इस्पात, विधि एवं न्याय विभाग और कोल इंडिया के अधिकारियों के साथ ही कोयला नियंत्रक भी मौजूद थे। इसमें कोयला ब्लॉक वाले राज्यों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
बैठक में सरकारी कंपनियों से प्राप्त आवेदनों पर विचार-विमर्श किया गया। सरकारी कंपनियों से बिजली कंपनियों को आवंटित किए जाने वाले 14 कोयला ब्लॉकों के लिए 235 आवेदन प्राप्त हुए हैं, लेकिन ऊर्जा मंत्रालय और केंद्रीय बिजली प्राधिकरण ने मात्र 126 आवेदन भी अनुमोदित किए हैं।
केंद्रीय सरकारी कंपनियों के साथ ही 15 राज्यों की 25 सरकारी कंपनियों के यह आवेदन है। जिन राज्यों में कोयला ब्लॉक आवंटित किए जाने हैं उनमें पांच छत्तीसगढ़, दो झारखंड, चार ओडिशा, जबकि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के एक-एक ब्लॉक शामिल हैं।
कोयला ब्लॉक वाले राज्यों के प्रतिनिधियों से प्रास्तावित ताप विद्युत परियोजनाओं के बारे में प्राथमिकता तय करने और इस संबंध में उनसे 28 मई या उससे पहले अपनी राय देने के लिए कहा गया है। समिति की अगली बैठक शीघ्र होने की बात कही गई है।