पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धमेंद्र प्रधान ने इराक में जारी हिंसा से देश में कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर फिलहाल फिक्र करने की जरूरत नहीं है। सरकार इराक की स्थिति पर निरंतर निगाह रखे हुए है और जो भी जरूरत के मुताबिक कदम उठाए जाएंगे।
देश में इराक से आने वाला कच्चा तेल बसरा के तेल क्षेत्रों से आता है, जो इराक के पूर्वोत्तर के संघर्ष वाले इलाकों से काफी दूर स्थित है। बसरा तेल परिसर से दोनों तेल कंपनियों सहित जहाजों में कच्चे तेल का लदान सामान्य रूप से जारी है।
सरकार ने इसके बावजूद दोनों कंपनियों से लघु और मध्यम अवधि के लिए आकस्मिक योजना तैयार करने को कहा है, जिससे पश्चिम एशिया की भौगोलिक राजनीतिक अस्थिरता के असर को कम से कम कर दूसरे स्रोतों से भी कच्चे तेल का आयात किया जा सके।
इराक में जारी संकट से सिंगापुर में आज कच्चे तेल की कीमत नौ माह के उच्च स्तर 115 डालर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। गौरतलब है कि देश में ईंधन की जरूरत को पूरा करने के लिए करीब 70 फीसदी का आयात किया जाता है।
पिछले साल देश में कुल खपत का करीब 13 फीसदी कच्चा तेल इराक से आयात किया था। चालू वर्ष में तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कार्पोरेशन और एचपीसीएल ने करीब 20 फीसदी यानी 1.87 करोड़ टन कच्चा तेल आयात करना था, जिसकी आधी मात्रा मंगाई जा चुकी है।