रिटेल कारोबार के नियमन के लिए अलग से खुदरा नियामक निकाय (आरआरए) के गठन की सरकार की कोई योजना नहीं है। यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री एस जगतरक्षकन ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में दी है। उन्होंने बताया कि इस बारे में विभाग से संबंधित संसदीय समिति ने रिटेल सेक्टर में विदेशी और घरेलू निवेश पर अपनी 19वीं रिपोर्ट में आरआरए के गठन का सुझाव दिया था, ताकि कारोबार में गैरवाजिब तरीके अपनाने जैसी समस्याओं और अन्य मामलों से निपटा जा सके। गौरतलब है कि मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि सिंगल ब्रांड खुदरा कारोबार में एफडीआई की सीमा को बढ़ा कर शत-प्रतिशत कर दिया गया है।