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इस रेल बजट में किसी भी नई ट्रेन का नहीं होगा ऐलान

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25 फरवरी को पेश होने वाले रेल बजट से इस बार आम लोगों को निराशा हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार भी रेल बजट में किसी भी नई ट्रेन को चलाने की घोषणा नहीं हो रही है।
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सोमवार को निजी कार्यों से इलाहाबाद पहुंचे रेल राज्य मंत्री ने संक्षिप्त मुलाकात के दौरान स्पष्ट किया कि इस बार रेल बजट में किसी भी नई ट्रेन को चलाने की घोषणा नहीं हो रही है। सरकार का पूरा ध्यान रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर पर है।

रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा सोमवार को इलाहाबाद में निजी कार्यों से पहुंचे थे। दोपहर बाद सिविल लाइंस स्थित एक होटल में रेल राज्यमंत्री से बजट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस बारे में कुछ नहीं बोलेंगे।
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रेल बजट में नई ट्रेन चलाने के सवाल पर उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि पहले यह परंपरा रही होगी, लेकिन एनडीए गर्वनमेंट के रेल बजट में ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस बार भी किसी नई ट्रेन को चलाने का ऐलान नहीं किया जाएगा।

पिछले साल भी नहीं हुई थी नई ट्रेन की घोषणा

बता दें कि पिछले साल भी रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट के दौरान किसी भी नई ट्रेन को चलाने की घोषणा नहीं की थी। हालांकि बाद में कुछ-कुछ अंतराल के दौरान देश भर के विभिन्न प्रांतों में कई ट्रेनें चलाई गईं।

इसके पूर्व रात दो बजे इलाहाबाद पहुंचने के बाद रेलवे के तमाम अफसरों ने जंक्शन पर रेल राज्यमंत्री का स्वागत किया। सुबह होटल में भाजपा नगर अध्यक्ष के साथ पार्टी नेताओं ने उनका स्वागत किया।

इस दौरान उत्तर मध्य रेलवे के जीएम अरुण सक्सेना, सेक्रेटरी  जीएम एके द्विवेदी, डीआरएम वीके त्रिपाठी आदि अफसरों ने रेल राज्य मंत्री से मुलाकात की। इसके बाद नगर अध्यक्ष के साथ मनोज सिन्हा पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी के घर गये।

वहां उन्होंने उनकी पत्नी स्वर्गीय सुधा त्रिपाठी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे सिविल लाइंस में ही अधिवक्ता आरएन सिंह के घर भी गए। शाम को संगम एक्सप्रेस से रेल राज्य मंत्री मेरठ के लिए रवाना हो गए।
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इलाहाबाद को मिल सकता है रेल बाईपास

25 फरवरी को पेश होने वाले रेल बजट में इलाहाबाद को रेल मंत्रालय एक खास तोहफा दे सकता है। यह तोहफा होगा रेल बाईपास का। रेल बजट में इलाहाबाद में  रेल बाईपास के निर्माण के लिए फंड पास होने की पूरी संभावना है। रेल मंत्रालय में इसकी लिखा पढ़ी भी तकरीबन पूरी हो चुकी है। अब रेल बजट में इसका एलान होना तय माना जा रहा है।

अक्सर देखा गया है कि जंक्शन पर प्लेटफार्म खाली न होने की वजह से आउटर पर ट्रेनों को काफी देर तक रुक जाना पड़ता है। इसी समस्या से निपटने के लिए यहां करछना से मनौरी के बीच रेल बाईपास बनाने का भी ऐलान किया गया है। इसकी कुल लागत एक हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके बनने के बाद इलाहाबाद जंक्शन पर ट्रेनें नहीं फंसेंगी।

साथ ही जिन यात्री ट्रेनों का यहां स्टॉपेज नहीं है वे रेल बाईपास से ही सीधे निकाल दी जाएंगी। बताया जा जा रहा है कि बोर्ड में काफी दिनों तक इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर मंथन चला। अब रेल बजट में एनसीआर के इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल सकती है। इलाहाबाद में प्रस्तावित रेल बाई पास मनौरी से इरादतगंज होते हुए करछना तक बनेगा। इस रेलमार्ग पर यमुना नदी पर एक पुल भी बनाया जाएगा।
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