बुनियादी ढांचों से जुड़ी प्रमुख परियोजना को तेजी से लागू करने के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक नई मंत्रिमंडलीय समिति गठित की गई है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बुनियादी ढांचों के विकास की प्रमुख योजनाओं को गति देने के लिए नई समिति गठित करने का निर्णय किया गया।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली इस समिति में वित्त मंत्री भी शामिल किए गए हैं। मूल रूप से वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने राष्ट्रीय निवेश बोर्ड के गठन का प्रस्ताव किया था, जिसका पर्यावरण मंत्रालय ने कड़ा विरोध किया था। इसके बाद नई समिति गठित करने का फैसला किया गया।
समिति 1,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी देगी और उसका निर्णय अंतिम होगा। इससे रेल, सड़क ,ऊर्जा, खनन जैसे क्षेत्रों से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी प्राप्त करने में आसानी हो जाएगी। पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर बड़ी परियोजनाओं के लिए आवश्यक ग्रीन मंजूरी की अनदेखी करने का विरोध जताया था। सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल की बैठक में पर्यावरण मंत्रालय की चिंताओं पर भी चर्चा की गई है।