2जी स्पेक्ट्रम नीलामी के फ्लॉप होने के बाद स्पेक्ट्रम की नीलामी को 30 फीसदी कम कीमत पर कराने की वृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। महीने भर पहले 2जी नीलामी में कंपनियों की बेरुखी के बाद सात दिसंबर को उच्चाधिकार प्राप्त मंत्रियों के समूह ने दिल्ली, मुंबई, राजस्थान और कर्नाटक सर्किल में दोबारा बोली कराने के लिए स्पेक्ट्रम के आधार मूल्य में 30 फीसदी की कटौती करने की सिफारिश की थी।
साथ ही इन चारों सर्कलों में 1800 मेगा हर्ट्ज बैंड की नीलामी करने की सिफारिश की थी। जिसके आधार पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह फैसला किया है। मंत्रिमंडल ने इसके अलावा चारों सर्किल में 900 मेगाहर्ट्ज पर भी स्पेक्ट्रम की नीलामी की मंजूरी दे दी है।
पहले की गई नीलामी में सरकार ने 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए बेस प्राइस 14,000 करोड़ रुपये रखा गया था। नीलामी से सरकार को करीब 30 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का अनुमान था, लेकिन सरकार सिर्फ 9047 करोड़ रुपये जुटा पाई। जबकि देश के 22 टेलीकॉम सर्किलों में आधे से ज्यादा स्पेक्ट्रम खाली रह गए।