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जल्द खुलेंगे नए बैंक, अगले माह जारी हो सकते हैं लाइसेंस

Tue, 25 Feb 2014 10:07 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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करीब एक दशक बाद देश में नए बैंक खोलने की तैयारी है। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक अगले महीने लाइसेंस जारी कर सकता है।
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लाइसेंस पाने के लिए रिलायंस, बिड़ला, बजाज सहित 25 प्रमुख कॉरपोरेट और सरकारी कंपनियों ने आवेदन किया हुआ है। इसमें से किसकी किस्मत खुलेगी इसका फैसला मंगलवार को कंपनियों के आवेदन की जांच-पड़ताल कर रही बिमल जालान समिति ने अपनी रिपोर्ट में कर दिया है।

इसके आधार पर मार्च के महीने में रिजर्व बैंक नए बैंकिंग लाइसेंस जारी करने की तैयारी में है। इसके पहले साल 2003-04 में कोटक महिंद्रा बैंक और यस बैंक को लाइसेंस रिजर्व बैंक ने आखिरी बार दिया था।
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मंगलवार को समिति की तीसरी और आखिरी बैठक के बाद बिमल जालान ने कहा कि हमने बैंकिंग लाइसेंस के संबंध में अपनी रिपोर्ट रिजर्व बैंक को सौंप दी है। जालान समिति का गठन रिजर्व बैंक ने 4 सितंबर 2013 को किया था। जिसको यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, कि वह आवेदकों के आवेदन, बिजनेस प्लान, पात्रता, कॉरपोरेट गवर्नेंस प्रैक्टिस आदि का मूल्यांकन करे। इसके आधार पर रिजर्व बैंक बैंकिंग लाइसेंस के लिए नाम जारी करेगा।

समिति ने अपनी पहली बैठक एक नवंबर 2013 को की थी। शुरू में सरकार की योजना जनवरी 2013 में बैंकिंग लाइसेंस जारी करने की थी, पर कंपनियों की जांच-पड़ताल आदि में समय लगने से ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च में रिजर्व बैंक लाइसेंस कर सकता है। आम चुनावों को देखते हुए इस बात की भी आशंका जताई जा रही है, कि आचार संहिता को देखते हुए लाइसेंस जारी करने पर रोक लग सकती है। हालांकि वित्त मंत्रालय के अनुसार आचार संहिता का लाइसेंस प्रक्रिया जारी करने पर असर नहीं होगा।

दौड़ में शामिल कंपनियां
रिलायंस कैपिटल, आदित्य बिड़ला समूह, इंडिया बुल्स, इंडिया पोस्ट, एलआईसी हाउसिंग, श्रीराम कैपिटल ,आईडीएफसी लिमिटेड, रेलीगेयर, एलएंडटी फाइनेंस, मुत्थूट फाइनेंस, श्रेई समूह सहित 25 कंपनियों ने लाइसेंस आवेदन किया हैं।

टाटा ने आवेदन कर लिया था वापस
नए बैंकिंग लाइसेंस नियमों की जटिलता को देखते हुए टाटा संस ने अपने आवेदन को नवंबर 2013 में वापस ले लिया था। महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज ने इच्छा जताने के बावजूद आवेदन हीं नहीं किया। इसके अलावा वीडियोकॉन समूह की एक कंपनी वैल्यू इंडस्ट्रीज ने भी नाम वापस लिया था।

क्या हैं प्रमुख नियम
-ग्रामीण क्षेत्रों में खोलनी होगी 25 फीसदी शाखाएं
-न्यूनतम 500 करोड़ रुपये पूंजी निवेश से शुरू हो सकेगा बैंक
-कॉरपोरेट को बनानी होगी नॉन ऑपरेटिव फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी
-कारोबार शुरू करने के तीन साल के भीतर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होना होगा
-नए निजी बैंक में कारोबार के पहले पांच साल तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, अनिवासी भारतीयों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की कुल हिस्सेदारी 49 फीसदी से ज्यादा नहीं होगी।
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इसके पहले कब मिला लाइसेंसः
आरबीआई ने पिछले दो दशक में 12 निजी बैंकों के लाइसेंस दो चरणों में दिए हैं। साल 1993 में जारी दिशानिर्देश के तहत 10 निजी बैंक और 2001 में जारी दिशानिर्देश के तहत दो निजी बैंकों को लाइसेंस मिला है। कोटक महिंद्रा बैंक और यस बैंक को साल 2003-04 में आरबीआई ने दिया है अंतिम लाइसेंस

देश में बैंकों की संख्या :
अभी 26 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, 22 निजी क्षेत्र के बैंक और 40 विदेशी बैंक कार्यरत हैं
कब शुरू  हुई प्रक्रियाः
-वित्त वर्ष 2010-11 में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आम बजट में नए लाइसेंस देने की घोषणा की
-फरवरी 2013 में रिजर्व बैंक ने दिशानिर्देश जारी किया, एक जुलाई 2013 को रिजर्व बैंक ने आवेदकों के नाम जारी किए
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